दुनिया में करीब 210 देश है, सबका अलग और विशिष्ट झंडा है. दुनिया का हर देश अपने झंडे को अलग रंग का रखना चाहता है क्योंकि किसी भी देश का झंडा उसकी पहचान होती है, इसीलिए दुनियाभर के अलग अलग रंगों को चुनकर अपने झंडे में लगाया गया है लेकिन आपको यह जानकार हैरानी होगी कि किसी भी देश ने पर्पल यानी बैगनी रंग को अपने राष्ट्रीय झंडे में शामिल नहीं किया है.

एक नजर विभिन देशों के झंडा की ओर

आखिर पर्पल कलर के साथ दुनिया की कौन सी बुरी याद जुडी है? आइये इसका जवाब जानते है. लेकिन उससे पहले आइये जान लेते है दुनिया भर में झंडो की एक छोटी सी यात्रा पर।

स्कैंविनेडियन देश का झंडा

दुनिया का सबसे पुराना राष्ट्रीय झंडा स्कैंविनेडियन देश डेनमार्क में तैयार हुआ जो कि करीब 800 साल पुराना है। इसकी कॉपी बाकि स्कैंविनेडियन देशों ने किया, इनके झंडे केवल एक रंग के होते है जिसमे क्रॉस बना होते, क्योंकि ये देश अधिकतर क्रिस्चन लोगो का है।

ब्रिटेन और USA का झंडा

USA ब्रिटेन से आजाद होकर बना  इसलिए थोडा सा मॉडिफिकेशन के साथ USA ने ब्रिटेन का झंडा ही अपना लिया. US के झंडे की कॉपी कई देशों ने किया जैसे लाइबेरिया जो कि USA की मदद से आजाद हुआ उसने हु ब हु US के झंडे को कॉपी करने की कोशिश की है।

फ्रांस के झंडे

फ्रांस कई सारे क्रांतियो के बाद वहां के राजशाही से स्वतन्त्र हुआ और तीन कलर वाला झंडा प्रचलित किया, ये झंडे के तीन कलर अलग अलग मूल्यों के प्रतीक होते है जैसे फ्रांस के झंडे के तीन कलर स्वतंत्रता, समानता और बंधुता का प्रतीक है, इसके बाद कई सारे देशों ने फ्रांस के झंडे की कॉपी करके अपना नेशनल फ्लैग डिजाईन कियाा। जैसे इटली, आयरलैंड, बेल्जियम, रोमानिया आदि ने।

अफ्रीकी महाद्वीप में सबसे पुराना झंडा

अफ्रीकी महाद्वीप में सबसे पुराना झंडा इथोपिया का है, इथोपिया ने सबसे पहले साम्रज्यवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी और इटली को हराकर स्वत्रंत हो गया, इसीलिये अफ़्रीकी देशों के झंडे में इथोपिया का प्रभाव दिखता है।

अरबी देशो के झंडे

लगभग सभी अरबी देशो के झंडे चार रंगों वाले होते है, जैसे रेड, ब्लैक,वाइट और ग्रीन जो कि एक पैन अरब भावना को बढावा देता है, कुछ मुस्लिम देश अपने झंडे में आधा चन्द्रमा और स्टार रखते है, जो कि उनके इस्लाम में आस्था का प्रतीक है।

ब्राजील का झंडा

ब्राजील ने पहले अमेरिका का झंडा कॉपी किया था लेकिन सिर्फ छः दिन बाद उसने अपना नया झंडा जारी कर दिया जिसमे हरा रंग उनके देश की हरियाली का प्रतीक, पीला रंग वहां मिलने वाले गोल्ड का और नीला रंग खुले आसमान का प्रतीक है।
इसके आलावा दुनिया में तीन ही ऐसे झंडे है जो बिलकुल अलग आकार के है, वेटिकेन और स्विट्ज़रलैंड का झंडा जहाँ बिलकुल वर्गाकार है अही नेपाल का झंडा बीच से कटा है।

इसलिए बैगनी रंग नहीं रखना चाहता कोई भी देश अपने राष्ट्र ध्वज पर

इतने सारे विभिन्नता के बावजूद किसी भी देश ने बैगनी कलर को अपने झंडे में शामिल नहीं किया क्योकि ये बहुत पहले कि बात नहीं जब जामुनी रंग को दुनिया के एक छोटे से भाग से ही प्राप्त किया जाता था. ये जगह थी लेबनान कोस्ट, यहाँ पर्पल कलर के स्नेल यानी घोंघे मिलते थे और दुनिया में जामुनी रंग का स्रोत मात्र ये स्नेल ही थे और आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि एक ग्राम पर्पल रंग के लिये दस हजार घोंघे को मारना पड़ता. इतने सारे घोंघे की हत्या से बने रंग को कोइ भी देश अपने राष्ट्रीय झंडे में शामिल नहीं करना चाहताा।
हर देश का झंडा उस देश के लोगो, उनकी वैल्यूज की पहचान होती है और जहाँ कही भी हमें अपने देश का झंडा दिखाई देता है हम एक अलग ही प्यार और अपनापन महसूस करने लगते है. इसीलिए दुनिया का कोई भी देश इसमें किसी भी प्रकार का विवाद नहीं रखना चाहती।
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