रायपुर|एलन मस्क, दुनिया के सबसे अमीर और प्रभावशाली उद्यमियों में से एक, ने हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से अपनी राहें जुदा (Elon Musk Step Down) करने का फैसला किया। मस्क, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष सलाहकार और डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे, ने 29 मई 2025 को अपने इस्तीफे की घोषणा की। इस निर्णय ने न केवल अमेरिकी राजनीति में हलचल मचाई, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया। आइए, इस लेख में मस्क के इस फैसले के पीछे के कारणों और इसके संदर्भ को विस्तार से समझते हैं।
मस्क और ट्रंप की दोस्ती की शुरुआत
2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने ट्रंप के चुनावी अभियान में करीब 300 मिलियन डॉलर की भारी-भरकम राशि खर्च की और उनकी रैलियों में हिस्सा लिया। ट्रंप ने 20 जनवरी 2025 को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद मस्क को DOGE विभाग का नेतृत्व सौंपा, जिसका उद्देश्य सरकारी खर्चों में कटौती और नौकरशाही में सुधार करना था। मस्क और ट्रंप की यह नजदीकी शुरू (Elon Musk Step Down) में दोनों के लिए फायदेमंद लग रही थी, लेकिन कुछ ही महीनों में दोनों के बीच मतभेद उभरने लगे।
DOGE मिशन और मस्क की भूमिका
DOGE (डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी) का गठन ट्रंप प्रशासन ने सरकारी फिजूलखर्ची को रोकने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए किया था। मस्क, जिन्हें विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया गया था, ने इस विभाग के जरिए कई बड़े कदम उठाए। उनके नेतृत्व में संघीय सरकार के 23 लाख कर्मचारियों में से करीब 12% (लगभग 2,60,000) कर्मचारियों की छंटनी की गई या समय से पहले रिटायरमेंट दी गई। इसके अलावा, मस्क ने यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (Elon Musk Step Down) (USAID) जैसे संगठनों की फंडिंग को “टैक्स के पैसे की बर्बादी” करार देते हुए उनकी समीक्षा की मांग की।
हालांकि, मस्क के इन कदमों ने उनके और ट्रंप प्रशासन के बीच तनाव को बढ़ाया। उनकी आक्रामक नीतियों और बड़े पैमाने पर छंटनी ने कई सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों में असंतोष पैदा किया।
ट्रंप के बिल से असहमति
मस्क के इस्तीफे का प्रमुख कारण ट्रंप प्रशासन का “बिग, ब्यूटिफुल बिल” रहा, जिसे ट्रंप ने अनिवार्य खर्च में 1.6 ट्रिलियन डॉलर की बचत करने वाला विधेयक बताया था। मस्क ने इस बिल की कड़ी आलोचना की और इसे संघीय घाटे को बढ़ाने वाला और DOGE मिशन के उद्देश्यों को कमजोर करने वाला करार दिया। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “यह बिल बजट घाटे को बढ़ाता है और DOGE के काम को कमजोर करता है।” इस आलोचना ने ट्रंप और मस्क के बीच बढ़ते तनाव को सार्वजनिक कर दिया।
अन्य कारण: टेस्ला और व्यक्तिगत प्राथमिकताएं
मस्क ने अपने इस्तीफे में यह भी उल्लेख किया कि उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी उनकी कंपनी टेस्ला को पटरी पर लाना है। कुछ X पोस्ट्स के अनुसार, निवेशकों का दबाव भी मस्क के इस फैसले का एक कारण हो सकता है, जो चाहते थे कि मस्क टेस्ला पर ज्यादा ध्यान दें। टेस्ला के शेयरों में हाल ही में 22% की उछाल देखी गई थी, जिससे मस्क की संपत्ति में एक दिन में 33.5 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। यह दर्शाता है कि मस्क का ध्यान अब अपने व्यवसायों पर केंद्रित हो रहा है।
इसके अलावा, मस्क का ट्रंप प्रशासन के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और पुराने सहयोगियों के साथ मनमुटाव भी उनके इस्तीफे का एक कारण माना जा रहा है। विशेष रूप से, कैबिनेट नियुक्तियों को लेकर मस्क और ट्रंप के सलाहकारों के बीच विवाद की खबरें सामने आई थीं।
मस्क का व्यक्तित्व और ट्रंप के साथ टकराव
मस्क और ट्रंप, दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र में “अल्फा व्यक्तित्व” के लिए जाने जाते हैं। मस्क ने टेस्ला और स्पेसएक्स जैसे नवाचारों से उद्योगों को चुनौती दी, जबकि ट्रंप ने अपनी अपरंपरागत राजनीतिक शैली से अमेरिकी राजनीति को हिलाकर रख दिया। दोनों का आक्रामक नेतृत्व और नियम तोड़ने की प्रवृत्ति शुरू में उनकी दोस्ती का आधार बनी, लेकिन यही कारण उनकी राहें जुदा होने का भी बना। रॉयटर्स ने व्हाइट हाउस के सूत्रों के हवाले से बताया कि मस्क की विदाई (Elon Musk Step Down) का फैसला सीनियर स्टाफ स्तर पर लिया गया, और इस प्रक्रिया में ट्रंप से कोई मुलाकात नहीं हुई।
मस्क की विदाई और इसका प्रभाव
मस्क ने अपने X पोस्ट में लिखा, “विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में मेरा निर्धारित समय पूरा होने पर, मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे फालतू खर्च को कम करने का मौका दिया। DOGE मिशन समय के साथ और मजबूत होगा।” व्हाइट हाउस ने भी पुष्टि की कि मस्क की “ऑफबोर्डिंग” 28 मई 2025 की रात से शुरू हो गई।
मस्क के इस्तीफे ने कई सवाल खड़े किए हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि मस्क की आक्रामक नीतियों और ट्रंप प्रशासन के कुछ फैसलों के बीच टकराव ने यह स्थिति पैदा की। वहीं, कुछ का कहना है कि मस्क का ट्रंप प्रशासन में शामिल होना उनके ब्रांड के लिए नुकसानदायक साबित हुआ। स्कॉट गैलोवे जैसे विशेषज्ञों ने मस्क के इस कदम को उनके करियर का सबसे बड़ा गलत फैसला बताया।
एलन मस्क का ट्रंप प्रशासन से अलग होना एक महत्वपूर्ण घटना है, जो न केवल उनकी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं और व्यावसायिक जिम्मेदारियों को दर्शाता है, बल्कि ट्रंप प्रशासन की आंतरिक गतिशीलता और नीतिगत टकरावों को भी उजागर करता है। मस्क की DOGE के जरिए सरकारी खर्चों में कटौती की कोशिशें और ट्रंप के “बिग, ब्यूटिफुल बिल” की आलोचना उनके बीच बढ़ते मतभेदों का प्रतीक बनी। मस्क का यह कदम उनके व्यवसायों, विशेष रूप से टेस्ला, पर ध्यान केंद्रित करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम हो सकता है। भविष्य में मस्क और ट्रंप के रिश्तों का क्या रूप होगा, यह समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल यह साफ है कि इन दो “अल्फा व्यक्तित्वों” दुनिया की दो सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की राहें अब जुदा (Elon Musk Step Down) हो चुकी हैं।
छत्तीसगढ़ बन रहा है भारत का पहला AI हब: रायपुर में AI SEZ और डेटा एनालिटिक्स सेंटर की सौगात