मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाई प्रदान करने हेतु कोरबा जिले में 1320 मेगावाट के सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन (Super critical thermal power station chhattisgarh) कोरबा का शिलान्यास किया । नई (9.78 करोड़ प्रति मेगावॉट) होगी। यहां पर 660 मेगावाट की दो इकाइयां स्थापित होंगी। भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए कोरबा में 660-660 मेगावाट की दो नई इकाइयों की स्थापना की जा रही है। 1320 मेगावाट का यह सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन प्रदेश का सबसे बड़ा और आधुनिक संयंत्र होगा। इससे एक ओर प्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर होंगा वहीं दूसरी ओर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
1320 मेगावॉट सुपर क्रिटिकल पॉवर स्टेशन की रखी आधारशिला भाषण में भूपेश बघेल ने कहा
देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1957 में कोरबा में बिजली प्लांट की पहली शुरूआत की थी। मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि आज हम यहां अब तक के सबसे बड़े 1320 मेगावाट के पॉवर प्लांट की आधारशिला रख रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत देश में सबसे ऊपर है। कोरबा ऊर्जा की राजधानी रही है। हमने छत्तीसगढ़ में बिजली बिल हाफ करने की योजना लागू की, हम 24 घंटे सभी को बिजली प्रदान कर रहे हैं। मुझे इस बात की खुशी है कि हम 42 लाख परिवारों को आधे दाम में 400 यूनिट तक बिजली दे रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 12 हजार 915 करोड़ रूपए के लागत से बनने वाले विद्युत उत्पादन कंपनी हसदेव ताप विद्युत गृह की नवीन सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना (Super critical thermal power station chhattisgarh) कोरबा (पश्चिम) के शिलान्यास एवं विकास कार्यों के लोकार्पण भूमिपूजन के दौरान कही।
प्रदेश में बिजली बिल हुआ हाफ
मुख्यमंत्री श्री बघेल नेे कहा कि मुझे खुशी है कि पर्यावरण और कोयला की अनुमति मिल चुकी है, सारी प्रक्रिया बहुत तेज हुई है, मेरा विश्वास है कि 2028 तक इसे शुरू कर लेंगे। अब बिजली उत्पादन बढ़कर 40 मेगावाट हो जाएगा। हम सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में भी काम कर रहे हैं। बिजली व्यवस्था को लेकर हम लगातार काम कर रहे हैं। मोर बिजली एप से आप बिल जमा कर सकते हैं और बिजली कटने, खराब होने की शिकायत भी कर सकते हैं। हम विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों की सुविधाएं बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने वनोपजों का समर्थन मूल्य तय किया है, हम 67 प्रकार के वनोपज खरीद रहे हैं। गौठानों में रूलर इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से रोजगार की वृद्धि की जा रही है, अब गौठान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का अनावरण
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज कोरबा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान कोरबा के घण्टाघर मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी हसदेव ताप विद्युत गृह की नवीन सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना कोरबा (Super critical thermal power station chhattisgarh) (पश्चिम) का शिलान्यास किया। इसकी अनुमानित लागत 12 हजार 915 करोड़ रूपए है। श्री बघेल ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत किए जा रहे 72 विकास कार्यों का भी लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया जिसकी लागत 112 करोड़ 13 लाख से भी अधिक है। इन कार्यों में 54 करोड़ 70 लाख राशि के 38 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 57 करोड़ 43 लाख से अधिक राशि के 34 विकास कार्यों का शिलान्यास कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने यहां कलेक्टरेट परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का अनावरण एवं डिंगापुर में नवनिर्मित ई-लाईब्रेरी का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि विकास के काम पूरे हो रहे है। आज पांवर प्लांट का भूमिपूजन हुआ है। क्रिटिकल पॉवर प्लांट से प्रदूषण कम होगा। आने वाले दिनों कोयले से नहीं बल्कि पानी से बिजली बनाई जाएगी। राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि कोरबा जिले को बहुत सी सौगते देने के लिए मुख्यमंत्री जी का आभार। सांसद श्री दीपक बैज ने कहा कि आज कोरबा जिले में विकास की नई गाथा लिखी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार में सरगुजा से लेकर बस्तर तक की विकास की गंगा बहा दी गई है।
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