छत्तीसगढ़ में चुनाव के परिणाम घोषित (Chhattisgarh election results) होने एक सप्ताह से भी कम का समय शेष रह गया है। चुनाव पंडितो ने अपना अपना मत जाहिर करना प्रारंभ कर दिया है। 30 नवंबर तक चुनाव आयोग ने किसी भी एग्जिट पोल को जारी करने पर प्रतिबंध लगा दिया इसलिए कोई भी खुलकर डाटा नही रख रहा आइए इशारों में ही समझने की कोशिश करते है।

2018 के चुनाव की बात करे तो 17 सीटें छत्तीसगढ़ में ऐसी थी जहां जीत-हार का अंतर 5000 से भी कम था। अर्थात् 17 सीटों पर कांटे की टक्कर थी। इनमे से 10 सीटें कांग्रेस ने जीती। 2 जनता कांग्रेस ने, 1 बसपा ने जबकि 4 सीटें बीजेपी ने जीती थी। 2023 के विधानसभा चुनाव में यह अंतर बढ़कर 25-30 होने की संभावना है। (Chhattisgarh election results)

मतदान प्रतिशत की बात करें तो इस बार छत्तीसगढ़ में पिछले 76.88 प्रतिशत मतदान की तुलना में 76.31 प्रतिशत मतदान हुआ जो कि पिछले से कम है। 2013 में यह आंकड़ा 77.40% था। छत्तीसगढ़ में मतदाताओं के मत देने की रुझान में कमी आई है। जबकि महिला मतदाताओं ने पुरुष मतदाताओं को पीछे पछाड़ दिया है यह बताता हैं कि इस बार महिलाएं गेम चेंजर कर भूमिका में रहेंगी। महिलाओं के मुद्दे प्रदेश में हावी रहेंगे।(Chhattisgarh election results)

महतारी वंदन योजना के तहत प्रत्येक महिला के खाते में सालाना 12,000 रुपए भाजपा द्वारा घोषणा की गई। कार्यकर्ताओं ने घर घर जाकर फॉर्म भी भरवाएं प्रथम चरण के मतदान में इसका खासा असर देखा गया तभी तो कांग्रेस पार्टी ने दीपावली और चुनाव के ठीक 4 दिन पहले गृह लक्ष्मी योजना के तहत 15000 रुपए प्रत्येक महिला के खाते में डालने की घोषणा कर दी। (Chhattisgarh election results)

शराबबंदी, धान की कीमत और 500 रुपए में गैस सिलेंडर देने की घोषणा और दोनो ही मुख्य दलों के बीच घोषणाओं की प्रतिस्पर्धा ने चुनाव को रोचक बना दिया। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों की तुलना की जाए तो भाजपा ने अधिक मजबूती से चुनाव लड़ा। यद्यपि सरकार में होने का कुछ लाभ कांग्रेस को मिला लेकिन गुटबाजी, नाराजगी और असंतोष ने कांग्रेस पार्टी को कमजोर कर दिया था। रही सही कसर ED और IT के छापों ने पूरी कर दी। भाजपा के पास PM मोदी, अमित शाह और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री स्टार प्रचारक के रूप में थे वहीं कांग्रेस के पास तुलनात्मक रूप से कम स्टार प्रचारक रहे। इसका भी लाभ बीजेपी को मिल सकता है। (Chhattisgarh election results)

कर्ज माफी बनेगी बड़ा मुद्दा:

लाख दुखों की एक दवा जैसी कहावत को कई घोषणाओं के बदले एक घोषणा जोड़कर देखें तो कर्जमाफ़ी की घोषणा अकेले ही नतीजे पलटने का माद्दा रखती है। अगर कांग्रेस पार्टी चुनाव जीतती है तो सबसे बड़ी भूमिका कर्जमाफी की ही मानी जायेगी।

क्या शराबबंदी का पिछला वादा कांग्रेस को भारी पड़ेगा

हैरत की बात जरूर है पर शराबबंदी प्रदेश चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा नहीं था। तभी तो बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में इसे शामिल नहीं किया। इसके बावजूद महिलाओं के वोट प्रतिशत में वृद्धि इस तरफ भी इशारा करते है कि आधी आबादी में शराबबंदी एक बड़ा मुद्दा रही है। (Chhattisgarh election results)

छत्तीसगढ़ में किसकी सरकार बनने जा रही है?

चुनाव आयोग के अनुसार 30 नवंबर तक किसी भी एग्जिट पोल पर प्रतिबंध है इसलिए सर्वे और अनुमान कोई भी जारी नही कर रहा। सभी राजनीतिक पार्टियों के अपने अपने दावे हैं एवं 3 नवंबर तक सभी चुनाव जीत रहे है। लेकिन हमारे आलेख और विश्लेषण को गौर से पढ़े तो आप समझ जायेंगे सरकार किसकी बन रही है (Chhattisgarh election results)।http://|

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