भारतीय जनता पार्टी के द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश के तीन दिग्गज नेताओं को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. डॉ रमन सिंह जो कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री है उन्हें यह पद एक फिर दिया गया है साथ ही लता उसेंडी पूर्व मंत्री एवं कद्दावर आदिवासी चेहरा और सरोज पाण्डेय भिलाई की पूर्व पार्षद, मेयर सांसद एवं वर्तमान राज्यसभा सांसद को भी नई जिम्मेदारी देते हुए भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (chhattisgarh election news 2023) बनाया गया है.

लगाये जा रहे है राजनीतिक कयास:

भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व आम तौर पर राज्यों में चुनाव से पहले राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेतृत्व में बड़ा फेरबदल करती है जिसे राजनीतिक सर्जरी के नाम से भी जाना जाता है. आगमी महीनो में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश एवं राजस्थान जैसे बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाला है. इसी के मद्देनजर पार्टी ने राज्य के बड़े नेताओं को कुछ जिम्मेदारियां सौंपी है. chhattisgarh election news 2023

डॉक्टर रमन सिंह को फ़िलहाल नहीं बनाया जायेगा राज्यपाल:

डॉ रमन सिंह 15 वर्षों तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे और वर्तमान छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े नेता हैं लेकिन भाजपा छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव उनके चेहरे पर नहीं लड़ रही है पार्टी में दूसरे नेताओं को उभरने का मौका मिले इसलिए हो सकता है उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर ही रखने का निर्णय लिया गया हो या भविष्य में उन्हें राज्य की राजनीति में अधिक हस्तक्षेप करने से रोकेगा।

दो महिलाओ को बनाया गया उपाध्यक्ष:

सरोज पांडे छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ी महिला नेत्री में से एक है लंबे समय से वे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के पद पर कार्यरत है उन्हें उपाध्यक्ष बनाकर उनका ओहदा पार्टी में बढ़ाया गया है साथ ही छत्तीसगढ़ की राजनीति से उन्हें दूर रखने के लिए यह प्रयास किया है।

लता उसेंडी को बड़ी जिम्मेदारी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में देना आदिवासी वोट बैंक को साधने की कोशिश के साथ-साथ लता उसेंडी को प्रदेश की राजनीति दूर रखने की और भी संकेत करता है। क्योंकि प्रदेश में आदिवासी क्षेत्रों में भाजपा पूर्व में हार चुके या पुराने चेहरे हैं उनके स्थान पर नए चेहरों को उभरने का मौका देना चाहती है।chhattisgarh election news 2023

भाजपा के कई बड़े नेताओं को राष्ट्रीय नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ में ही रह गए आगामी विधानसभा में ध्यान केंद्रित कर सकें इस हेतु कोई बड़ी जिम्मेदारी ना देकर राज्य की अलग-अलग समितियों में जगह दे रही है इसमें से कई नेता ऐसे हैं जिन्हें टिकट की दावेदारी से बाहर करने के लिए समितियों का सदस्य अध्यक्ष और प्रभारी नियुक्त किया जा रहा है।

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