हंसराज रघुवंशी

कवर्धा, छत्तीसगढ़ (19 मार्च 2025): छत्तीसगढ़ के कवर्धा में हर साल की तरह इस बार भी भोरमदेव महोत्सव (Bhoramdev Mahotshav) का आयोजन बड़े उत्साह के साथ होने जा रहा है। इस बार यह दो दिवसीय महोत्सव 26 और 27 मार्च 2025 को भोरमदेव मंदिर परिसर में आयोजित होगा, जिसे “छत्तीसगढ़ का खजुराहो” भी कहा जाता है। इस आयोजन की खास बात यह है कि प्रसिद्ध भक्ति गायक हंसराज रघुवंशी अपनी मधुर आवाज और शिव भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करने के लिए तैयार हैं।

भोरमदेव महोत्सव: संस्कृति और आस्था का संगम

भोरमदेव महोत्सव छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाला एक प्रमुख आयोजन है। यह उत्सव हर साल मार्च के अंत में आयोजित होता है और इसमें स्थानीय आदिवासी परंपराओं के साथ-साथ कला, संगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुतियाँ देखने को मिलती हैं। भोरमदेव मंदिर, जो 11वीं शताब्दी में नाग वंश के राजा रामचंद्र द्वारा निर्मित किया गया था, इस आयोजन का मुख्य केंद्र है। यह मंदिर अपनी खजुराहो शैली की वास्तुकला और शिव-पार्वती की मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है।

इस बार का महोत्सव इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें बॉलीवुड और भक्ति संगीत के नामचीन कलाकारों की महफिल सजेगी। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सुरक्षा, जल, बिजली और साफ-सफाई जैसी सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं।

हंसराज रघुवंशी का आगमन:

भक्ति और उत्साह की लहर

हंसराज रघुवंशी, जिन्हें उनके लोकप्रिय भजनों जैसे “मेरा भोला है भंडारी“, “शिव कैलाशो के वासी” और “महादेव के दीवाने” के लिए जाना जाता है, इस महोत्सव में मुख्य आकर्षण होंगे। उनकी गायन शैली में भक्ति और ऊर्जा का अनूठा मिश्रण होता है, जो युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी को आकर्षित करता है। सूत्रों के अनुसार, हंसराज 26 मार्च को अपनी प्रस्तुति देंगे, जिसमें वे शिव भक्ति से सराबोर भजनों के साथ श्रोताओं का मन मोह लेंगे।
हंसराज ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस आयोजन की जानकारी साझा करते हुए कहा,

“महादेव की कृपा से मैं कवर्धा के भोरमदेव महोत्सव में आप सभी के बीच आ रहा हूँ। यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मैं छत्तीसगढ़ की पवित्र धरती पर भक्ति का रंग बिखेर सकूँ।”

आयोजन की तैयारियाँ जोरों पर

कवर्धा के कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि महोत्सव की तैयारियाँ समय पर पूरी की जाएँ ताकि यह आयोजन भव्य और सफल हो सके। नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने भी इस महोत्सव के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बन सकें। यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए पास में भोरमदेव अभयारण्य, मंडवा महल और सरोदा जलाशय जैसे दर्शनीय स्थल भी मौजूद हैं, जो इस यात्रा को और यादगार बनाते हैं।

कैसे पहुँचें?

कवर्धा, रायपुर से लगभग 135 किलोमीटर दूर स्थित है। यहाँ पहुँचने के लिए रायपुर हवाई अड्डा सबसे नजदीकी हवाई मार्ग है, जबकि रायपुर रेलवे स्टेशन प्रमुख रेल संपर्क प्रदान करता है। कवर्धा तक नियमित बसें और टैक्सी सेवाएँ भी उपलब्ध हैं।

एक अविस्मरणीय अनुभव

भोरमदेव महोत्सव 2025 न केवल छत्तीसगढ़ की संस्कृति को करीब से जानने का अवसर देगा, बल्कि हंसराज रघुवंशी जैसे कलाकारों की प्रस्तुति इसे आध्यात्मिक और मनोरंजक बनाएगी। यह आयोजन स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव साबित होगा। तो तैयार हो जाइए, इस मार्च कवर्धा में मांजियों की ताल और शिव भक्ति की धुन पर झूमने के लिए!

Share this -

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *