रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा की आंधी परिणाम के बाद भी नही थमी है। छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने वाले जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के सुप्रीमों सहित पूरे दल का भाजपा में विलय होने की खबर आ रही है। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के प्रमुख (Amit Jogi JCC BJP) ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की है अब कयास लगाया जा रहा है जल्द ही अमित जोगी और बीजेपी के बीच कोई बड़ी डील हो सकती है।

छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) के बारे में

भारत के छत्तीसगढ़ राज्य में एक राजनीतिक दल है । पार्टी की स्थापना पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Amit Jogi JCC BJP) ने की थी , जब जोगी और उनके बेटे अमित को पार्टी विरोधी गतिविधियों के साथ-साथ अंतागढ़ में उपचुनाव में तोड़फोड़ करने के कारण भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था । अमित जोगी को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया। अजीत जोगी ने कवर्धा जिले के ठाठापुर गांव में पार्टी की शुरुआत की और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह को सीधे चुनौती दी।

अमित जोगी ने 2023 चुनाव भूपेश के खिलाफ लड़ा

जेसीसी ने बसपा से अपना गठबंधन तोड़ दिया और अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया। पार्टी प्रमुख अमित जोगी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सीट पाटन से चुनाव लड़ने का फैसला किया। लेकिन उनकी और उनके पूरी पार्टी की बुरी तरह हार हुई। शायद यही वजह है अब वे बीजेपी के में शामिल होने जा रहे है। (Amit Jogi JCC BJP)

कांग्रेस बताती रही है BJP की बी टीम

पाटन मैं मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ने से लेकर प्रदेश भर में जहां-जहां जेसीसी ने अपना प्रत्याशी खड़ा किया था वहां कांग्रेस ने जेसीसी (Amit Jogi JCC BJP) को बीजेपी का बी टीम बताया। अब चुनाव के बाद यदि बीजेपी में शामिल होते हैं तो यह कांग्रेस की बात को सिद्ध करने वाला माना जाएगा।

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जोगी का फैसला

विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हर का सामना कर चुके अमित जोगी लोकसभा चुनाव में बीजेपी में शामिल होकर 11 में से एक सीट पर कम से कम टिकट लेने के फिराक में होंगे क्योंकि स्वतंत्र चुनाव लड़कर संसद तक का सफर जोगी के लिए टेढ़ी खीर है। (Amit Jogi JCC BJP)

2018 में प्रदेश की राजनीति में मचाई हलचल

जेसीसी और बीएसपी ने 2018 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में एक-दूसरे के साथ गठबंधन में लड़ने का फैसला किया , जिसके अनुसार, जेसीसी (Amit Jogi JCC BJP) ने 55 सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि बीएसपी ने 35 सीटों पर चुनाव लड़ा। गठबंधन ने अजीत जोगी को अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया. बाद में सीपीआई ने भी इस गठबंधन को समर्थन दे दिया.

गठबंधन राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियों भाजपा और कांग्रेस की नीतियों की कड़ी निंदा करता है और छत्तीसगढ़ की जनता को तीसरे मोर्चे के रूप में एक नया मंच देता है। अजीत जोगी ने स्टांप पेपर पर जारी किया घोषणापत्र, कहा- वादे अधूरे रहे तो जेल जाने को तैयार हूं हालाँकि गठबंधन बुरी तरह हार गया क्योंकि वह 90 सीटों में से केवल 7 सीटें जीतने में कामयाब रहा, जिसमें जेसीसी (Amit Jogi JCC BJP) ने 5 सीटें जीतीं और उसके गठबंधन सहयोगी बसपा ने 2 सीटें जीतीं।

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