यह ताज्जुब की बात (Chhattisgarh assembly election news) है कि दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी और पिछले दो बार से पूरे भारत में प्रचंड बहुमत से अपनी सरकार बनाने वाली बीजेपी को छत्तीसगढ़ की 13 सीटों पर जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ता हैं. इसके बौजूद हार का मुँह देखना पड़ा है. इन सीटों को BJP तब भी नहीं जीत सकी जब 15 सालों तक सरकार में रही. आइये छत्तीसगढ़ के उन 13 सीटों के बारे मे जानते है जो 15 या 15 से अधिक सालों तक बीजेपी को निराश करती रही है.

1. लुंड्रा विधानसभा: उत्तरी छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के लुंड्रा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 09 मे बीजेपी को कांग्रेस से हमेशा ही पटखनी मिलती रही है. यहाँ वर्तमान विधायक डॉ. प्रीतम राम है. यह एक ST (अनुसूचित जनजाति) आरक्षित सीट है. 2023 के विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने प्रबोज भींज को मैदान मे उतार दिया है. पूर्व मे कांग्रेस पार्टी से यहाँ चिंतामनी महाराज, और राम देव राम यहाँ से चुनाव जीत चुके है. हर बार नये प्रत्याशी देने वाली कांग्रेस पार्टी इस बार भी यहाँ नया प्रत्याशी उतार सकती है.

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2. अंबिकापुर: कांग्रेस का यह अभेद किला सरगुजा के राजपारिवार का गढ़ रहा है. वर्तमान मे यहाँ के विधायक TS सिंहदेव है जो छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री भी है. इस सीट को जीत पाना BJP के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा है.

3. सीतापुर: छत्तीसगढ़ शासन मे खाद्यमंत्री अमरजीत भगत का यह गढ़ कारीब तीन दशकों से अजेय रहा है. मंत्री बनने के बाद यहाँ से अमरजीत भगत को हरा पाना और अधिक कठिन प्रतीत होता है. छत्तीसगढ़ विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 11 मे बीजेपी का यह सूखा इस बार समाप्त हो पायेगा क्या? देखना रोचक होगा.

4. खरसिया: एक हाईप्रोफाइल सीट मानी जाती है जहाँ से कांग्रेस के कद्दावर नेता स्व. नंदकुमार पटेल जी चुनाव लड़ा करते थे. उनके शहीद होने के बाद उनके सुपुत्र इस सीट से विजीत हो रहे है. क्षेत्र क्रमांक 18 से बीजेपी ने पिछली बार आईएएस से राजनीति मे आये OP चौधरी को चुनावी मैदान मे उतारा था लेकिन उन्हें कड़े मुकाबले (Chhattisgarh assembly election news) मे हार का सामना करना पड़ा. बीजेपी ने 2023 विधानसभा चुनाव के लिए यहाँ से महेश साहू को अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया है. पटेल की तुलना मे साहू का गणित कितना कारगर होगा देखने वाली बात है.

5. कोरबा: जयसिंह अग्रवाल कोरबा के एक सक्रिय और लोकप्रिय नेता माने जाते है. यहाँ के लोग बताते है जयसिंह अग्रवाल का कद पार्टी से भी बड़ा है. इस सीट पर बीजेपी लखन लाल देवांगन को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. देखना रोचक होगा जयसिंह अग्रवाल के सामने कितनी बड़ी चुनौती प्रस्तुत कर पाते है बीजेपी के लखनलाल.

6. पाली तानाखार: छत्तीसगढ़ की एक और सीट जो BJP को हमेशा निराश करती रही है. यह छत्तीसगढ़ का विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 23 है. यहाँ के वर्तमान विधायक मोहित राम है. पूर्व मे यहाँ से रामदयाल उइके 2 बार विधायक रह चुके है. यह एक ST आरक्षित सीट है.

7. मरवाही: जोगी परिवार का गढ़ माने जाने वाले 4 सीटों मे से यह एक है. यहाँ से वर्तमान मे विधायक अमित जोगी है. कांग्रेस का गढ़ रही यह विधानसभा पिछले चुनाव मे JCCJ को चला गया था. इस बार अमित जोगी अपना मजबूत गढ़ बचा पाते है या नहीं देखना रोचक होगा. BJP ने यहाँ से प्रणव कुमार मरपच्ची को चुनावी मैदान मे उतारा है.

8. कोटा: जोगी परिवार के गढ़ो मे से एक यह सीट पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री अजीत जोगी जी की धर्मपत्नी द्वारा विजीत होने वाली है. यह बिलासपुर जिले के अंतर्गत आता है. यह सीट इस बार हाईप्रोफाइल होने वाली हाई क्योंकि ऐसी संभावना हाई कि भाजपा इसबार अपने प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव को यहाँ से चुनावी मैदान मे उतारने की तैयारी मे है.

9. जैजैपुर: जांजगीर चांपा जिले का यह एक सामान्य सीट है जहाँ से बीजेपी को हमेशा निराशा ही हाथ लगी है, पिछले 2 बार से इस सीट पर BSP ने अपने हाथी से बीजेपी के अरमान कुचले है तो 2008 मे यहाँ से कांग्रेस पार्टी विजीत हुई थी. इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना हमेशा जताई जाती है लेकिन बाजी BSP मार लेती है.

10. महासमुंद: BJP इस सीट को जितने मे भी नाकाम रही है. विधानसभा की जनता निर्दलीय प्रत्याशी को जीता देती है लेकिन BJP का विधायक नहीं चुनती. BJP ने अभी तक यहाँ से अपने पत्ता नहीं खोला है. वर्तमान मे यहाँ के विधायक INC से विनोद सेवन लाल चंद्राकर है. 2013 में यहाँ से निर्दलीय प्रत्याशी Dr विमल चोपड़ा ने कैंची छाप में खड़ा होकर BJP और कांग्रेस के अरमानों पर कैंची चला दिया था.

11. खुज्जी: राजनांदगाव जिले ने छत्तीसगढ़ को तीन बार का CM दिया. लेकिन खुज्जी विधानसभा से BJP को निराशा ही हाथ लगती रही है. 2008 और 2013 में भोलाराम साहू ने BJP के अरमानों पर पानी फेर दिया था. जबकि 2018 में छन्नी साहू ने बीजेपी को खुज्जी क्षेत्र से बीजेपी को पांच सालों के लिए खदेड दिया. बीजेपी ने 2023 के लिए गीता साहू को अपना अधिकारिक प्रत्याशी घोषित कर दिया है.

12. मोहला मानपुर: पूर्व मे राजनांदगाव जिले, वर्तमान मे MMA जिले मे आने वाला यह सीट भाजपा के लिए अबुझ पहेली साबित हो रहा है. राज परिवार के इर्द गिर्द रहनी वाली यह सीट वर्तमान मे इंद्र शाह मंडावी के पास है. भाजपा ने इस सीट से राज परिवार के संजीव शाह को मैदान मे उतारा है.

13. कोंटा: छत्तीसगढ़ के आबकारी मंत्री का यह मजबूत किला है. यहाँ से उन्हें हरा पाना बीजेपी के लिए टेढ़ी खीर साबित होता है. क़वासी लखमा के खिलाफ बीजेपी अपने कौन से मोहरे मैदान मे उतारती है? देखने की बात होगी.

भाजपा के राजनीतिक सक्रियता से इस बार यह प्रतीत (Chhattisgarh assembly election news) हो रहा कि केंद्रीय नेतृत्व चुनावी कदमो को फूंक फूंककर रख रही है. बीजेपी कांग्रेस के इन मजबूत किलो पर कौन सी चुनावी रणनीति अपनाती है देखना रोचक होगा. लेकिन एक बात तो तय है जिन सीटों को बीजेपी सत्ता मे रहते नहीं जीत पाई उन्हें विपक्ष रहते हुए जीतना बेहद ही चुनौतीपूर्ण होगा

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