भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने MBBS एडमिशन में आदिवासी वर्ग के बच्चों को हो रही नुकसान के बारे बयान जारी कर कहा कि भूपेश सरकार का आदिवासी चेहरा एक बार फिर उजागर हुआ है. भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के आदिवासी बच्चों को डॉक्टर बनते हुए नहीं देखना चाहते। वह नहीं चाहते कि बस्तर सरगुजा वनांचल क्षेत्र में रहने वाला गरीब आदिवासी बच्चा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेकर डॉक्टर बने। इसीलिए मेडिकल कॉलेजों में भारतीयों पर आदिवासियों का आरक्षण काटकर जानबूझकर खामोश बैठे है। chhattisgarh reservation news

2 अगस्त से शुरू होगा मतदाता सूची का द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण

उन्माहोंने कहा माननीय हाईकोर्ट के द्वारा 19 सितंबर 2022 को 58% प्रतिशत आरक्षण को अपास्त घोषित किए जाने के बाद भूपेश सरकार 50% आरक्षण के साथ भर्तियां कर रही है। इससे प्रदेश के आदिवासी छात्रों (chhattisgarh reservation news) को सीधे सीधे 12% का नुकसान हो रहा है। सीटों में बदलकर इसे देखे तो पिछले सत्र 110 सीटों का हमे नुकसान हुआ और इस सत्र में करीब 160 सीटों का नुकसान होने जा रहा है।

उन्होंने CM से पूछा कि आदिवासी बच्चों का अधिकार छीनने का हक आपको किसने दिया?
क्या आदिवासी बच्चों को डॉक्टर बनने का अधिकार नहीं है? क्या आपको यह जानकारी नहीं है छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बहुल राज्य है, इसके बाउजूद आपने ऐसा दमनकारी रोस्टर जारी किया। आज छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज को 20% आरक्षण भर्तियों में देकर 15 साल पीछे धकेल दिया है। (chhattisgarh reservation news) आदिवासियों ने आपको प्रचंड बहुमत दिया जिसका आपने अच्छा अपमान किया।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा छत्तीसगढ़ में आरक्षण के विवाद पर अस्थायी निर्णय देते हुए 58% पर नौकरियों में भर्तियाँ करने का आदेश दिया है. लेकिन एडमिशन में भूपेश सरकार ने 50% आरक्षण के साथ भर्तियाँ करने का रोस्टर जारी किया है तभी से विवाद की स्थिति है.

भाजपा की मांग चारा घोटाले की तर्ज़ पर ही इस घोटाले की सीबीआई जांच हो

Share this -

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *