• सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक करने वाला नेता कमजोर नहीं हो सकता – जो नेता दुश्मन के घर में घुसकर मारने का साहस रखता है, उसके सीज़फायर को कमजोरी समझना मूर्खता है। यह शांति की पहल नहीं, न की किसी के दबाव में लिया गया फैसला।

• सीज़फायर स्थायी नहीं, अस्थायी हथियार है – ये कोई आखिरी फैसला नहीं, ये अपने शर्तों पर किया गया फैसला है। दुश्मन अगर शांति से न रहे, तो मोदी सरकार फिर से सर्जिकल स्ट्राइक करने में देर नहीं करेगी।

• राम की तरह नीति, कृष्ण की तरह रणनीति” – मोदी जी राम की तरह धैर्यवान हैं और कृष्ण की तरह चालाक रणनीतिकार। जो दिखता है, वही हमेशा होता नहीं।

• मोदी जी का सीज़फायर कोई कमजोरी नहीं, बल्कि उनकी शतरंज की चाल है! पाकिस्तान को पहले राफेल, स्कैल्प और ब्रह्मोस से जवाब, फिर शांति का मौका। यह दिखाता है कि मोदी जी युद्ध और शांति, दोनों में बेजोड़ हैं।

• पाकिस्तान को मसूद अजहर का गढ़ तोड़कर जवाब देने वाले मोदी जी ने सीज़फायर से साबित किया कि वे सिर्फ ताकत नहीं, बल्कि मानवता के भी रखवाले हैं। कश्मीर में आम लोगों की जिंदगी बचाने के लिए यह कदम उठाया। मोदी जी जैसा कोई नहीं

अब ज़रूरत है इस बात को समझने की कि हर लड़ाई बंदूक से नहीं, दिमाग से भी लड़ी जाती है। मोदी जी का हर कदम देशहित में है।

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